प्रजा अधीन राजा समूह | Right to Recall Group

अधिकार जैसे कि आम जन द्वारा भ्रष्ट को बदलने/सज़ा देने के अधिकार पर चर्चा करने के लिए मंच
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PostPosted: Tue Sep 02, 2014 6:18 pm 
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प्रिय नागरिक,

ये पोस्ट भारत के उन मतदाता और कार्यकर्ताओं के लिए है जो चाहते हैं कि प्रधानमंत्री सेना और नागरिकों के लिए खनिज आमदनी (एम.आर.सी.एम) का ड्राफ्ट भारतीय राजपत्र में छापें | इस ड्राफ्ट को छपवाने के लिए नागरिकों को अपने सांसद को ये आदेश एस.एम.एस. या ट्विट्टर द्वारा भेजना चाहिए ---

" Kripya tinyurl.com/NagrikAamdani draft ko apne website, niji bill aadi dwara badhava aur maang karein aur ise rajpatr mein chhapwayein. Nahin to aapki / aapki party ko vote nahin denge. Aur smstoneta.com jaise public sms server banayein taaki sabhi ke sms-raay unke voter ID ke saath sabko dikhe"

अपने सांसद/विधायक को एस.एम.एस. भेजने के अलावा, अपनी मांग का प्रमाण अपने वोटर आई.डी. के साथ, पब्लिक एस.एम.एस. सर्वर पर दिखाएँ 3 एस.एम.एस. भेज कर | यदि आप नागरिकों को उनके विरासत पब्लिक भूमि और खदानों से आमदनी का हिस्सा सीधे उनके खाते में मिले, तो 08141277555 पर अपने मोबाइल इन्बोक्स से कृपया तीन एस.एम.एस. भेजें –
.
• पहला एस.एम.एस. इस प्रकार रहेगा (मतलब दो स्टार सिम्बल के बीच में
अपना वोटर आई.डी. नंबर डाल कर एस.एम.एस. करें)
.
*आपकी-वोटर-आई.डी.-संख्या*
.
• दूसरा एस.एम.एस. में केवल चार अंक रहेंगे जो टी.सी.पी. (rtrg.in/tcpsms.h) का समर्थन कोड है –
.
0011
.
• तीसरा एस.एम्.एस. में केवल चार अंक रहेंगे जो सेना और नागरिकों के लिए खनिज आमदनी (देश से प्राप्त हर नागरिक की विरासत) कानूनों का समर्थन कोड है –
.
0021
.
आपका समर्थन इस लिंक पर आएगा –
.
http://smstoneta.com/tcp |
.
यदि पर्याप्त संख्या में ये इन्टरनेट वोटर आई.डी. समर्थन प्राप्त हो गया, तो ये कानून आ जायेंगे |
.

और कृपया अन्य नागरिकों को भी विज्ञापन, पर्चों आदि द्वारा बताएं कि वे भी अपने विधायक को इस प्रकार का एस.एम.एस भेजें |

===============

प्रिय सांसद,

अगर आपको SMS के द्वारा URL मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है)

एस.एम.एस. भेजने वाला आपको निम्नलिखित कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है -

धारा संख्या #

[अधिकारी जिसके लिए निर्देश]

प्रक्रिया

सैक्शन 1 : राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) उम्‍मीदवार के लिए नागरिकों के अनुमोदन/स्वीकृति दर्ज करना

1.1



नागरिक शब्‍द का मतलब/अर्थ रजिस्टर्ड वोटर/मतदाता है ।

सरकारी अधिसूचना(आदेश) तब प्रभावी माना जाएगा जब 37 करोड़ नागरिकों ने इसमें अपना `हाँ` दर्ज करवा दिया हो ।

1.2

[प्रधानमंत्री के लिए निर्देश]

प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के किसी अधिकारी को नियुक्त करेंगे ।

1.3

[जिला कलेक्टर]

यदि कोई नागरिक राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) बनाना चाहे, तो जिला कलेक्टर के सामने वह खुद जा सकता है या एफिडेविट प्रस्‍तुत कर सकता है | जिला कलेक्टर को आदेश दिया जाता है कि वह राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के पद के लिए उसकी उम्‍मीदवारी स्‍वीकार करे लेकिन इसके लिए वह सांसदों के चुनाव के लिए जमा होने वाली धनराशि के बराबर धनराशि शुल्‍क/फीस के रूप में ले। जिला कलेक्टर उसे एक सीरियल नम्‍बर जारी करेगा/देगा ।

1.4

[जिला कलेक्टर]

जिला कलेक्टर इस काम को किसी क्‍लासवन अधिकारी को दे सकता है ।

1.5

[तलाटी = पटवारी = लेखपाल (या उसका क्लर्क)]

कोई नागरिक तलाटी के दफ्तर स्‍वयं आकर और 3 रूपए की फीस देकर ज्‍यादा से ज्‍यादा पांच उम्‍मीदवार का अनुमोदन/स्वीकृति राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के पद के लिए कर सकता है। तलाटी उसके अनुमोदन/स्वीकृति को कम्‍प्‍युटर में दर्ज करेगा और उसे एक रसीद जारी करेगा/देगा जिसमें वोटर आई डी/मतदाता पहचान-पत्र संख्या, दिनांक/समय तथा जिसका स्वीकृति नागरिक ने किया है, उसके नाम का उल्‍लेख होगा ।

1.6

[तलाटी]

तलाटी उस नागरिक की पसंदों को नागरिक के वोटर आई डी/मतदाता पहचान-पत्र संख्या और उसकी पसंद सहित मंत्रिमंडल सचिव द्वारा किए निर्णय के अनुसार, सरकारी वेबसाईट पर डाल देगा ।

1.7

[तलाटी]

यदि कोई नागरिक अपनी पसंद रद्द करने के लिए आए तो तलाटी बिना कोई फीस लिए उसके एक या अधिक अनुमोदन/स्वीकृति को बदल सकता है ।

1.8

[मंत्रिमंडल सचिव]

प्रत्येक सोमवार को मंत्रिमंडल सचिव नागरिकों के अनुमोदन/स्वीकृति को प्रकाशित करेगा ।

सैक्शन 2: राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) को बदलना

2.1

[प्रधानमंत्री]

नागरिक शब्‍द का अर्थ भारत का रजिस्टर्ड वोटर/दर्ज मतदाता है ।

2.2

यदि उम्मीदवार को सभी दर्ज मतदाताओं (सभी, न कि केवल उनका जिन्‍होंने अपना अनुमोदन/स्वीकृति फाइल किया है/जमा करवाया है) के 35 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की स्वीकृति मिल जाती है और उस उम्मीदवार को वर्तमान राष्ट्रिय भूमि किराया अधिकारी से एक करोड़ अधिक स्वीकृति मिलती है, तब प्रधानमंत्री वर्तमान राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) को निकाल सकता है और नागरिकों के द्वारा पसंद की गयी नए राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) को नियुक्त कर सकता है ।

2.3

यदि पद पर बैठा व्‍यक्‍ति नागरिकों के अनुमोदन/स्वीकृति से आया है, और सबसे ज्‍यादा स्वीकृति प्राप्‍त व्‍यक्‍ति को मौजूदा पदधारी से 2 प्रतिशत अधिक स्वीकृति मिला हो, केवल तभी प्रधानमंत्री उसे सर्वाधिक स्वीकृति वाले व्‍यक्‍ति को उस पद पर नियुक्त कर सकता है ।

2.4

यदि व्‍यक्‍ति को मिला अनुमोदन/स्वीकृति 24 प्रतिशत से कम है तो प्रधान मंत्री उसे अपने द्वारा नियुक्‍त किए जा रहे व्‍यक्‍ति को बदल सकते हैं या प्रधानमंत्री नहीं भी बदल सकते (ऐसा करने की जरूरत नहीं)। लेकिन जब तक अनुमोदन/स्वीकृति 24 प्रतिशत से अधिक है तब तक प्रधान मंत्री को उसे अपने द्वारा नियुक्‍त किए जा रहे व्‍यक्‍ति से बदलने की जरूरत नहीं । प्रधानमंत्री के विवेक से किया गया निर्णय अंतिम होगा ।

सैक्शन 3: भारत सरकार के अधीन प्‍लॉटों का स्‍वामित्‍व/मालिकाना हक

3.1

[उच्चतम न्यालय के न्यायाधीश (सुप्रीम-कोर्ट के जज), हाई-कोर्ट के जज, प्रधानमंत्री और नागरिक]

भारत के नागरिकगण अब यह निर्णय और घोषणा करते हैं कि आई आई एम ए का प्‍लॉट, सभी आई आई एम के प्लॉट, और जे एन यू के प्‍लॉट भारत के सभी नागरिकों का संयुक्‍त/ज्‍वाइन्‍ट और बराबर मालिकाना हक की संपत्‍ति होगी। ये प्‍लॉट राज्‍य अथवा भारत राज्‍य अथवा भारत संघ अथवा किसी भी निजी/ सरकारी निकाय/व्‍यक्‍ति की नहीं होगी बल्‍कि ये प्लॉट भारत के नागरिकों की संपत्‍ति होगी । साथ ही, किसी भी निजी/प्राइवेट कम्‍पनी अथवा ट्रस्‍ट के मालिकाना हक के अधीन न आने वाला सभी यू जी सी वित्‍तपोषित/फंडेड विश्‍वविद्यालयों और कॉलेजों/ महाविद्यालयों के सभी प्लॉट भारत के नागरिकों की संपत्‍ति घोषित की जाती है। और केन्‍द्रीय सरकार और सरकारी निकायों के सभी प्लॉट भी एतद्द्वारा भारत के नागरिकोंकी संपत्‍ति घोषित की जाती है ।

प्रधानमंत्री और सभी उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश और उच्चतम न्यायालयों के न्यायाधीशों सहित भारत के सभी न्यायाधीश और अधिकारियों से अब यह अनुरोध किया जाता है कि वे ऐसी किसी दलील को न सुनें/ न स्‍वीकार करें जो भारत के नागरिकों के इस निर्णय और फैसला का विरोध करती हो ।

3.2

[सुप्रीम-कोर्ट के सभी जज, हाई-कोर्ट के सभी जज, प्रधानमंत्री और सभी नागरिक]

निम्‍नलिखित मंत्रालयों/विभागों के सभी प्लॉट राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के तहत आएंगे:

पर्यटन मंत्रालय

एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइन्‍स के मालिकाना हक वाले हवाईअड्डे और सभी भवन

सभी आई आई एम, यू जी सी के पैसे से चलने वाले सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय ( विज्ञान और इंजीनियरिंग पढ़ाने वाले को छोड़कर)

उपभोक्‍ता मामले और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

मानव संसाधन विकास मंत्रालय

सूचना और प्रसारण मंत्रालय

सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्रालय

ग्रामीण विकास मंत्रालय

लघु उद्योग और कृषि व ग्रामीण उद्योग मंत्रालय

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

कपड़ा/वस्‍त्र मंत्रालय

पर्यटन और संस्‍कृति मंत्रालय

शहरी विकास और गरीबी उन्‍मूलन मंत्रालय

युवा मामले और खेल मंत्रालय

राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग

योजना आयोग

राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) का उन भूमि-प्‍लॉटों पर कोई न्यायिक-अधिकार नहीं होगा जिसका मालिकाना हक निजी व्‍यक्‍तियों अथवा कम्‍पनियों अथवा ट्रस्‍टों के हाथ हो अथवा जिन भूमि-प्‍लॉटों का मालिकाना हक/स्‍वामित्‍व राज्‍य सरकार अथवा नगरों अथवा जिलों के पास हो । इसका उन प्लॉटों पर कोई मालिकाना हक नहीं होगा जिनका उपयोग/प्रयोग सेना, न्‍यायालय, कैदी, रेलवे, बस अड्डों, XII कक्षा तक के सरकारी स्‍कूलों और कर-वसूली अधिकारियों द्वारा किया जा रहा हो ।

3.3

[प्रधानमंत्री और सारे अधिकारी]

सभी आई आई टी, एन आई टी और आई.आई.एस.सी रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी आर डी ओ) के अन्‍तर्गत आएंगे और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी आर डी ओ) के निदेशक/डायरेक्‍टर इन कॉलेजों के मुख्‍य अधिकारी होंगे और वे इन कॉलेजों मे दैनिक कार्यकलाप सुचारू रूप से चलाने के लिए उप प्रमुखों की नियुक्‍ति करेंगे। विज्ञान और इंजिनियरिंग पढ़ाने वाले कॉलेज विज्ञान मंत्रालय के अधीन होंगे और ये राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के अधीन नहीं होंगे ।

सैक्शन 4: भारत सरकार के स्‍वामित्‍व / मालिकी वाले प्‍लॉटों के किरायों की वसूली

4.1

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

उपयोग में न आ रही जमीन के लिए, राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) जमीन को उपयुक्‍त प्लॉटों के आकार में इस तरह बांटेगा जिस तरह वह इसे किराया प्राप्‍ति के लिए सबसे ज्‍यादा लाभप्रद समझता है। राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) हरेक प्लॉट के लिए बोली लगवाएगा। नीलामी के लिए शर्तें इस प्रकार होंगी:-

लीज/पट्टा राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) द्वारा किए गए निर्णय के अनुसार 5, 10, 15, 20, 25 वर्षों के लिए होगा। यह लीज/पट्टा कभी भी 25 वर्ष से अधिक के लिए नहीं होगा ।

बोली लगाने वाले मासिक/ महीने का किराया के लिए बोली लगाएंगे और बोली लगाने की समय का अधिकतम लीज अवधि से कम होगा। इसलिए यह बोली (मासिक किराया, लीज के महीने ) के रूप में होगी। एक व्‍यक्‍ति कई बोली लगा सकेगा। लीज की अधिकतम समय-सीमा/अवधि 12 महीने होगी ।

बोली का वजन/प्रभाव = मासिक किराया / लॉग ( जितने महीने के लिए किया गया लीज) होगा अर्थात किराया जितना ज्‍यादा होगा वजन/प्रभाव उतना ज्‍यादा होगा और लीज जितना लम्‍बा होगा वजन/प्रभाव उतना कम होगा ।

बोली/निविदा खुली होगी ।

राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) बोली के वजन के अनुसार प्‍लॉट देगा ।
राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) छह महीने का किराया जमा के रूप में लेगा ।
किराएदार किसी भी दिन जमीन खाली करने और किराए का भुगतान रोक देने के लिए स्‍वतंत्र होगा ।

4.2

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

लीज/पट्टे के समय/अवधि के दौरान, राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) प्रत्‍येक तीन वर्ष किराये में बदलाव करेगा प्‍लॉट के चारो ओर के एक वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र के जमीन के मूल्‍य/दाम में आने वाले प्रतिशत बदलाव के आधार पर और प्लॉट देने के दिन से और किराया दर में संशोधन किए जाने वाले दिन को ब्‍याज दर में आने वाले प्रतिशत बदलाव के आधार पर ।

4.3

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

लीज का समय के बीत जाने के बाद राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) एक नई बोली लगवाएगा जिसमें पहले से ही लीज ले चुके लोगों को लाभ/वरीयता मिलेगी ।
उसका वजन/प्रभाव 1.25 से 1.5 बढ़ जाएगा जो उन वर्षों पर निर्भर करेगा जिसके दौरान उसने भुगतान किया है।

नीलामी खत्‍म हो जाने के तीन महीने के भीतर वह अपनी बोली बढ़ा सकता है।
मौजूदा लीज-धारकों को नए लीज/पट्टा-धारक द्वारा भुगतान किए जा रहे 6 महीने के अग्रिम किराए का 20 से 50 प्रतिशत मिलेगा जो उसके द्वारा भूमि अपने पास रखने के महीनों पर निर्भर करेगा ।

4.4

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

लेकिन यदि मौजूदा लीज –धारक बोली हार जाता है तो वह उस जमीन/प्लॉट के सामान बेच या हटा सकता है । लेकिन उसे जमीन खाली करना ही होगा ।

4.5

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

यदि प्‍लॉट किसी ने लिया हुआ है और उसका उपयोग कर रहा है तो उसे (entity को), 25 प्रतिशत ज्‍यादा मिलेगा(25 प्रतिशत * लीज, महीनों में /300), अधिकतम 50 प्रतिशत, बोली लगाने में बोनस अर्थात उसकी बोली 1.25 से 1.5 गुना बढ़ जाएगा, लेकिन इससे ज्‍यादा नहीं ।

4.6

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

यदि वर्तमान में प्‍लॉट किसी ने लिया हुआ है और उसका उपयोग कर रहा है तो राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) उस प्लॉट के चारों ओर एक वर्ग किलोमीटर के प्‍लॉट का पिछले 3 वर्षों की बिक्री का मध्‍य विचलन/मीन मूल्‍य (बाजार मूल्‍य * मुख्‍य ब्‍याज दर/3) का हिसाब लगाकर प्‍लॉट की कीमत तय करेगे उसके अनुसार अगले 10 वर्षों के लिए वार्षिक किराया तय करेगा। किराए में हर तीन साल में बदलाव किया जाएगा। 10 वर्षों के बाद, इस धारा के खंड 1 से लेकर आगे उल्‍लिखित नियम लागू होंगे ।

4.7

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) प्राप्‍त किराए का 34 प्रतिशत हिस्‍सा रक्षा मंत्रालय को देगा जो सेना को मजबूत बनाने, हथियार उपलब्‍ध कराने और सभी नागरिकों को हथियार चलाने की शिक्षा देन के काम के लिए होगा ।

4.8

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) पिछले वर्ष राष्‍ट्रीय प्रति व्‍यक्‍ति दिए गए किराए के दुगने की अधिकतम सीमा की शर्त के साथ पिछले 10 वर्षों से उस राज्‍य में रह रहे नागरिकों को प्रत्‍येक महीने वसूले गए किराए का 33 प्रतिशत वितरित करेगा/ बांटेगा। राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) प्रति माह वसूला गया शेष किराया भारत के नागरिकों को भेजेगा ।

4.9

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

इस कानून के पास हो जाने के एक साल के बाद किसी व्‍यक्‍ति को किराया इस प्रकार मिलेगा-

यह किराया 33 प्रतिशत बढ़ जाएगा यदि उसका कोई बच्‍चा न हो ।
यह किराया 33 प्रतिशत कम हो जाएगा यदि उसे (दो बेटी, एक बेटा ) अथवा( एक बेटी, एक बेटा ) अथवा (दो बेटा) अथवा (तीन बेटी) से अधिक हो और इसमें से सबसे छोटा बच्‍चा कानून लागू होने के एक वर्ष के बाद पैदा हुआ हो ।

किराया 66 प्रतिशत घट जाएगा यदि उसे (तीन बेटी, एक बेटा) अथवा( दो बेटी, दो बेटा) अथवा( एक बेटी, दो बेटा) अथवा तीन बेटा अथवा चार बेटी से अधिक हो और इसमें से सबसे छोटा बच्‍चा कानून लागू होने के एक वर्ष के बाद पैदा हुआ हो ।

4.10

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

60 वर्ष से उपर के पुरूषों और 55 वर्ष से उपर की महिलाओं को 33 प्रतिशत ज्‍यादा किराया मिलेगा और यह 75 साल से उपर के पुरूष एवं 70 साल से उपर की महिलाओं के लिए 66 प्रतिशत ज्‍यादा मिलेगा ।

4.11

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

7 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए कोई किराया नहीं दिया जाएगा, 7 से 14 वर्ष के बीच की उम्र वालों के लिए सामान्‍य का चौथाई और 14 से 18 वर्ष के बीच के उम्रवालों के लिए सामान्‍य रूप से भुगतान किए गए किराए का दो तिहाई होगा ।
.
सैक्शन 5: खनिज रॉयल्‍टी(आमदनी) का कलेक्‍शन/ जमा करना

5.1

[सभी विभागों के सचिव]

विभागों के वे सभी सचिव जिनके पास खादानों अथवा कच्‍चे तेल के कुओं का प्रभार है या जो खादानों अथवा कच्‍चे तेल के कुओं से रॉयल्‍टी जमा कर रहे हैं, उन्हें एकत्र किए गए/ वसूल किया गया रॉयल्‍टी राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) के पास भेजने का आदेश दिया जाता है ।

5.2

[राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ)]

राष्‍ट्रीय भूमि किराया अधिकारी (एन एल आर ओ) रॉयल्‍टी को सेना, राज्‍य में रहने वाले नागरिकों, भारत के नागरिकों के बीच उसी अनुपात में वितरित करेगा जिस अनुपात में जमीन के किराए के वितरण से संबंधित अध्‍यादेश/सरकारी आदेश में जमीन किराया बांटने के संबंध में उल्‍लेख है ।
.
सैक्शन 6: जनता की आवाज़

6.1

[जिला कलेक्‍टर]

यदि कोई नागरिक इस कानून में कोई बदलाव चाहता है तो वह जिलाधिकारी/डी सी के कार्यालय में जाकर एक एफिडेविट जमा करा सकता है और डी सी या उसका क्लर्क उस एफिडेविट को 20 रूपए प्रति पेज का शुल्‍क लेकर प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर स्कैन करके डाल देगा ताकि सभी उस एफिडेविट को बिना लॉग-इन के देख सकें ।

6.2

[तलाटी अर्थात पटवारी अर्थात लेखपाल (या उसका क्लर्क)]

यदि कोई नागरिक इस कानून या इसकी किसी धारा के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज कराना चाहे अथवा वह ऊपर के धारा में प्रस्‍तुत किसी एफिडेविट पर हां – नहीं दर्ज कराना चाहे तो वह अपने वोटर आई कार्ड के साथ तलाटी के कार्यालय में आकर 3 रूपए का शुल्‍क देगा। तलाटी हां-नहीं दर्ज कर लेगा और उसे एक रसीद/पावती देगा। यह हां – नहीं प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर डाला जाएगा ।

========== सेना और नागरिकों के लिए खनिज आमदनी का ड्राफ्ट समाप्त ===========

अधिक जानकारी के लिए http://smstoneta.com/prajaadhinbharat/chapter-5/ देखें (डाउनलोड लिंक - http://www.righttorecall.info/301.pdf . चैप्टर 5 )|

प्रश्नोत्तरी के लिए http://smstoneta.com/prajaadhinbharat/faq3/ देखें (डाउनलोड लिंक - http://www.righttorecall.info/009.h.pdf) |

=============================

Dear All Citizens,

This status post is for those voters of India and activists of India, who want PM to print DDMRCM = Direct Deposit of Mineral Royalties in Citizens Accounts and Military law-draft in Gazette. please send following order to your MP via SMS or twitter --- "Dear MP, I order you to promote tinyurl.com/NagrikAamdani draft via website etc. and get it printed in the Gazette. Or I will not vote for you or your party. Also set up a smstoneta.com like public sms server to display to all sms-opinions of citizens along with their voter id"

Besides sending sms to your MP, also display proof of your opinion along with voter id by sending 3 SMS-es to already existing public sms server. If you want that citizens get their rightful share of income from their inherited public mines and property directly into their accounts, then please send from your mobile inbox, send to 08141277555 these 3 SMS-es –
.
• First sms will be in this format (meaning that you have to put your voter ID number between two star symbols and send sms)
.
*YourVoterIDNumber*
.
• Second SMS will have only 4 numbers for support of TCP (righttorecall.info/tcpsms ; This issue promotes all issues) which is the support code of TCP -
.
0011
.
Third SMS will have only 4 numbers for support for Mineral Royalties for Commons and Citizens (Inherited by every citizen from country) law –
.
0021
.
Your support will come on this link – http://smstoneta.com/tcp
.
If sufficient internet voter id support is received, these pro-common laws will come.

And also inform other citizens via ads, pamphlets etc. to send this SMS to their MP

====

Dear MP,

If you have received the internet link to this status via SMS from your voter, then it is order to you, to order CM to print the following DRAFT in Gazette -

== start of draft of the proposed DDMRCAM draft ===

Section-1 : Registering citizens Approvals for NLRO candidates

(1.1) (general instruction) The word citizen would mean a registered voter This GN will become effective only after over 37 cr citizens have registered YES on it.

(1.2) (procedure for PM) PM would appoint an IAS officer as NLRO (National Land Rent Officer) .

(1.3) (procedure for CS = Cabinet Secretary) If any citizen wishes to be NLRO, he may appear in person or place affidavit before CS. The CS is hereby ordered to accept his candidacy for NLRO after taking fee same as deposit amount for MP election. CS will issue him a serial number.

(1.4) (procedure for CS) The CS may assign above task to any class-1 officer.

(1.5) (procedure for Talati) A citizen can come in person to Talati’s office, pay Rs 3 fee and approves at most five persons for NLRO position. The Talati will enter his approvals in the computer and issue him a receipt with his voter-id#, date/time and the persons he approved.

(1.4) (procedure for Talati) The Talati will put the preferences of the citizen on Govt website as decided by the CS or Collector with citizen’s voter-ID number and his preferences.

(1.5) (procedure for Talati) If a citizen comes to cancel his Approvals, the Talati will cancel one of more of his approvals without any fee.

(1.6) (procedure for CS) On every Monday, CS may publish approval counts for each candidate.

Section-2 : Replacement of NLRO

(2.1) (procedure for PM) The word citizen would mean a registered voter of India

(2.2) (procedure for PM) If a candidate gets approval of over 35% of ALL registered citizen-voters (ALL, not just those who have filed their approval) and the candidate gets one crore more approvals than existing NLRO, then PM may expel the existing NLRO and appoint the person with highest approval count as NLRO.

(2.3) (procedure for PM) If the person on the seat has come by approvals, and the person with highest approval must have 2% more approvals than existing one, then and then only the PM will appoint the person with highest approvals for that position.

(2.4) (procedure for PM) If the person’s approval is below 24%, then PM may or needed not replace him with his appointee. But as long as approval is above 24% , PM need not replace him with his appointee. Discretion of PM will be final.

Section-3 : Ownership of plots under GoI

(3.1)(procedure for Supreme Court judges , High Court judges, PM, all citizens) The Citizens of India hereby decide and declare the plot of IIMA, plots of all IIMs and the plot of JNU as the property jointly and equally owned by the Citizens of India. These plots are NOT property of the State or the State of India or the Union of India or any other private/GoI party, but these plots are property of the Citizens of India. Further, all the plots of all UGC funded universities and colleges not owned by private companies or trusts are declared as the property of the citizens of India. All the officers and judges of India, including the PM, all the High Court judges and all the Supreme Court judges, are hereby requested NOT to admit any plea that opposes this decision and verdict of the Citizens of India.

(3.2)(procedure for SCjs, HCjs, PM, All citizens) All plots under following Ministries/Dept will come under NLRO

Ministry of Tourism

Airports, all buildings owned by Air India and Indian Airlines

IIMs, all UGC funded colleges and universities except those teaching science and engineering

Ministry Consumer Affairs and Public Distribution

Ministry of Human Resource Development

Ministry of Information and Broadcasting

Ministry of Information Technology

Ministry of Rural Development

Ministry of Small Scale Industries & Agro and Rural Industries

Ministry of Social Justice and Empowerment

Ministry of Textiles

Ministry of Tourism and Culture.

Ministry of Urban Development and Poverty Alleviation

Ministry of Youth Affairs and Sports

National Human Rights Commission (NHRC)

Planning Commission

NLRO will have NO jurisdiction over land plots owned by private persons or companies or trusts or land plots owned by State Govt or Cities or Districts. He will have no jurisdiction on plots used Military , Courts, Prisons, Railways, Bus Stations, Govt Schools till class XII and tax collection offices

(3.3) (procedure for PM, All officers) All IITs, NITs and IISc shall be made part of DRDO, and the DRDO director shall be the Chief Officer of these colleges or shall appoint Deputy Chief Officers in these colleges to run the day today operations. The colleges teaching science and engineering will come under Ministry of Science and will not come under NLRO.

Section-4 : Collection of rents from GoI owned plots

(4.1) (procedure for NLRO) For the unused land, NLRO will divide the land in plots of appropriate sizes as he seems most profitable. NLRO will hold auction for each plot. The conditions for auction will beo The lease will be for 5, 10, 15 , 20 or 25 years as decided by NLRO. The lease cannot be more than 25 years.o The bidders will give bids for monthly rent and bidding period which can be less than maximum lease period. So bids will be in (monthly rent , months lease) format. One person can submit multiple bids. Minimum lease period will be 12 months. o The weight of the bid will Monthly_Rent / log(Lease_In_Months). i.e. more the rent, higher the weight and longer the lease, lesser the weight.o The bids will be openo The NLRO will give the plot as per weight of the bids.o NLRO will charge 6 months rent or collateral as deposit. o the tenant will be free to evacuate land any day and stop paying any rent

(4.2) (procedure for NLRO) During the lease time, NLRO will revise the rent every 3 years based on % change in the land prices in the 1sq km area around that plot and % change in prime lending interest rate from the day the plot was leased and the day when rent revision occurs.

(4.3) (procedure for NLRO) After the lease time is over, NLRO will hold a fresh auction, where in existing lease holder will get benefitso his weight will get multiplied by 1.1 to 1.5 depending on number of years he has paid rent.o he may increase his bid within 3 months after auction is over. o the existing lease holder will get 20% to 50% the 6 months’ advance rent new lease holder is paying depending on number of months he had held the land.

(4.4) (procedure for NLRO) But if existing lease holder loses the auction, then he can move or sell the fixtures on that land. But he will need to vacate that land.

(4.5) (procedure for NLRO) If the plot is held by an existing entity, the entity will get 25% plus (25% * lease in months /300), maximum of 50% , bonus in the bid i.e. its bid will be multiplied with 1.25 to 1.50 , but no more.

(4.6) (procedure for NLRO) If the plot is currently being used and occupied , NLRO will take the mean land price in past 3 years of sale in 1 km area round the plot and decide the price of plot and set (market_price * prime_interest_rate/3) as yearly rent for next 10 years. The rents will be revised every 3 years. After 10 years, rules stated from clause-1 onwards of this section will apply

(4.7) (procedure for NLRO) NLRO will give 34% of rent collected to Defense Minister for the purpose of strengthening Military and providing weapons and weapon-use education to all citizens.

(4.8) (procedure for NLRO) NLRO will dispatch 33% of the rent collected every month to the citizens residing in the State for past 10 years with limit of twice the amount received by citizens of India in last year. NLRO will dispatch rest of rent collected every month to the citizens of India.

(4.9) (procedure for NLRO) The NLRO will distribute the rest 33% the rent collected every month to the citizens of India

(4.10) (procedure for NLRO) One year after this law is passed, the rent a person obtains

(4.10.a) will increase by 33% if he has no kids

(4.10.b) will decrease by 33% if he has more than (2 daughters, 1 son) or (1 daughter, 1 son) or 2 sons or 3 daughters and in which youngest kid is born 1 year after the law is passed

(4.10.c) will decrease by 66% if he has more than (3 daughters, 1 son) or (2 daughters, 2 sons) or (1 daughter, 2 sons) or 3 sons or 4 daughters and in which youngest kid is born 1 year after the law is passed

(4.11) (procedure for NLRO) The rent paid will be 33% higher for men above 60 and women above 55 ; and will be 66% higher for men above 75 and women above 70.

(4.12) (procedure for NLRO) No rent shall be paid to child below 7 years ; the rent to citizens between 7 to 14 will be 1/rd the normal and between 14 and 18 will be 2/3rd of the normal rent paid.

Section-5 : Collection of Mineral Royalties

(5.1) (procedure for All Dept Secretaries) All the Department Secretaries who are in-charge of mines or crude oil wells or collecting royalties from mines or crude oil wells are ordered to send the royalties collected to NLRO

(5.2) (procedure for NLRO) The NLRO shall divide the royalties amongst Military, the citizens residing in the State and citizens of India in the same ratio as Land Rent described in the Ordinance dealing with distribution of Land Rent

Setion-6 : Citizens’ voice

(6.1)(procedure for District Collector) If any citizen wants a change in this law, he may submit an affidavit at DC’s office and DC or his clerk will post the affidavit on the website of Prime Minister for a fee of Rs 20/- per page.

(6.2) (procedure for Talati or Patwari) If any citizens want to register his opposition to this law or any section or wants to register YES-NO to any affidavit submitted in above clause, and he comes to Talati’s office with voter-ID and pays Rs 3 fee, Talati will enter YES/NO and give him a receipt. The YES-NO will be posted on the website of the Prime Minister.

For detailed explanation, please see https://rtrrecommendations.wordpress.co ... chapter-5/
(download link - http://www.righttorecall.info/301.pdf , chapter 5)

For FAQs, see http://www.righttorecall.info/009.htm (download link - http://www.righttorecall.info/009.pdf)


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