प्रजा अधीन राजा समूह | Right to Recall Group

अधिकार जैसे कि आम जन द्वारा भ्रष्ट को बदलने/सज़ा देने के अधिकार पर चर्चा करने के लिए मंच
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SR. No. Author Message
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PostPosted: Mon Oct 20, 2014 4:50 pm 
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सांसद या विधायक से एक लाइन की मांग करने से आम नागरिक का शोषण तुरंत दूर हो सकता है और गवाह की जान बच सकती है

प्रिय नागरिक,

आज के सिस्टम से आम-नागरिक की दुर्दशा - आज हम आम नागरिक को अपनी समस्या या शिकायत या कोई जनहित के प्रस्ताव के लिए सरकारी दफ्तर में अर्जी देनी पड़ती है लेकिन भ्रष्ट अफसर उस अर्जी को आसानी से दबा देता है | क्योंकि एक बार अर्जी जमा हो जाये तो, हम या दूसरे नागरिक अपनी ही अर्जी को देख नहीं सकते |

मान लीजिए, आपके क्षेत्र में कोई अपराध हुआ है और आप उसकी एफ.आई.आर. लिखवाते हैं या गवाही देते हैं और आपको एफ.आई.आर. की कॉपी मिलती है तो उसे एक भ्रष्ट पुलिस अफसर अपराधियों के साथ सांठ-गाँठ करके आसानी से दबा सकते हैं | क्योंकि आप अपनी दर्ज एफ.आई.आर. या अर्जी जमा करने के बाद देख नहीं सकते |

और आज के सिस्टम में गवाहों को गलत तत्व या गुंडे आसानी से डरा-धमका सकते हैं ; यहाँ तक गवाहों को जान से भी मार दिया जाता है | क्योंकि गुंडों को मालूम है कि अधिक लोगों को तथ्य की जानकारी नहीं है और गवाह को समाप्त करने या दबाने से सबूत समाप्त हो जायेंगे |

सरल सा उपाय - इसीलिए, हमने ये प्रस्ताव किया है कि नागरिक-मतदाता को ये विकल्प होना चाहिए कि यदि वो चाहे, तो वो किसी भी दिन, कलेक्टर आदि सरकारी दफ्तर जाकर अपनी अर्जी, 20 रुपये प्रति पन्ने के एफिडेविट के रूप में प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर स्कैन करवा सकेगा अपने वोटर आई.डी नंबर के साथ जिससे सभी उस एफिडेविट को बिना लॉग-इन शब्द-शब्द पढ़ सकेंगे |

ये प्रक्रिया कम समय में, आसानी से, सरकारी आदेश द्वारा लागू हो सकती है | इस प्रक्रिया का उन आम नागरिकों को तुरंत लाभ होगा जिनके पास कोई कनेक्शन नहीं होता है | इसके लागू होने से कोई बाबू, कोई मीडिया या अफसर उनकी अर्जी दबा नहीं सकता क्योंकि अर्जी दबाने का प्रयास करने पर, लाखों नागरिकों के समक्ष उसकी पोल प्रमाण सहित खुल जायेगी | और सभी के मुद्दों को इससे लाभ होगा क्योंकि अब उनको दबाना आसान नहीं होगा |

यदि नागरिकों के पास ये नागरिक-प्रामाणिक विकल्प है कि वे अपनी बात या राय अपनी वोटर आई.डी. नंबर के साथ सार्वजनिक दर्शा सकते हैं, तो पुलिस अफसर देखेगा कि सबूत को दबाया नहीं जा सकता है, अब तो लाखों-करोड़ों को प्रमाण प्राप्त हो गए हैं | और गुंडों को भी समझ में आएगा कि गवाह ने अपना बयान सार्वजनिक कर दिया है - इसीलिए अब गवाह को मारने से कोई लाभ नहीं है | इस प्रकार गवाह की भी जान बच जायेगी |

अगर आप इस लाइन की मांग को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री राजपत्र में छापे, ऐसा चाहते है तो अपने सांसद या विधायक को क्रमशः एस.एम.एस. या ट्विट्टर के द्वारा ये आदेश देवे - :

" Kripya apne website, niji bill aadi dwara is Draft - tinyurl.com/EkLineMaang ka badhava/maang karein aur rajptr mein chhapwayein. Varna apko aur apki party ko vote nahin karenge. Kripya smstoneta.com jaise public sms server banayein jismein logon ki SMS dwara raay unke voter ID ke saath sabhi ko dikhe, bina login ke"

अपने सांसद/विधायक को एस.एम.एस. भेजने के अलावा, अपनी मांग का प्रमाण अपने वोटर आई.डी. के साथ, पब्लिक एस.एम.एस. सर्वर पर दिखाएँ 2 एस.एम.एस. भेज कर | यदि आप ये चाहते हैं कि नागरिक-मतदाता को ये विकल्प होना चाहिए कि यदि वो चाहे, तो वो किसी भी दिन, कलेक्टर आदि सरकारी दफ्तर जाकर अपनी अर्जी, 20 रुपये प्रति पन्ने के एफिडेविट के रूप में प्रधानमंत्री वेबसाईट पर स्कैन करवा सकेगा जिससे सभी उस एफिडेविट को बिना लॉग-इन शब्द-शब्द पढ़ सकें, तो 08141277555 पर अपने मोबाइल इन्बोक्स से कृपया दो एस.एम.एस. भेजें –
.
• पहला एस.एम.एस. इस प्रकार रहेगा (मतलब दो स्टार सिम्बल के बीच में
अपना वोटर आई.डी. नंबर डाल कर एस.एम.एस. करें)
.
*आपकी-वोटर-आई.डी.-संख्या*
.
• दूसरा एस.एम.एस. में केवल चार अंक रहेंगे जो टी.सी.पी. (rtrg.in/tcpsms.h) का समर्थन कोड है –
.
0011
.
आपका समर्थन इस लिंक पर आएगा –
.
http://smstoneta.com/tcp |
.
यदि पर्याप्त संख्या में ये इन्टरनेट वोटर आई.डी. समर्थन प्राप्त हो गया, तो ये कानून आ जायेंगे |
.

और कृपया अन्य नागरिकों को भी विज्ञापन, पर्चों आदि द्वारा बताएं कि वे भी अपने विधायक / सांसद को इस प्रकार का एस.एम.एस भेजें |

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प्रिय सांसद/विधायक,

अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा यू.आर.एल. मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है)

एस.एम.एस. भेजने वाला आपको निम्नलिखित कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है -

[राष्ट्रपति का कलेक्टर (या उसके क्लर्क) के लिए आदेश]

कोई भी नागरिक मतदाता, यदि खुद हाजिर होकर, एफिडेविट पर अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी / भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद / कोई प्रस्ताव या कोई अन्य एफिडेविट कलेक्टर को देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो कलेक्टर (या उसका क्लर्क) उस एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर, सीरियल नंबर देकर, एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा, नागरिक के वोटर आई.डी. के साथ, ताकि सभी बिना लॉग-इन के वे एफिडेविट देख सकें ।

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प्रिय नागरिक,

एक लाइन की प्रक्रिया की मांग करें - आपको बस इतना करना है कि अपने सांसद या विधायक से पत्र, ई-मेल, एस.एम.एस. द्वारा ये मांग करना है कि वो एक प्रस्ताव पेश करे संसद या विधान-सभा में कि मतदाता अपनी अर्जी को एफिडेविट के रूप में प्रधानमंत्री वेबसाईट पर स्कैन करवा सके, ऐसी प्रक्रिया मतदाता के पास होनी चाहिए, ताकि जनता उसे बिना लॉग-इन देख सके | और अपने सांसद / विधायक को कहें कि यदि वे ऐसा नहीं करेगा तो आप उसको या उसकी पार्टी को वोट नहीं देंगे |

ऐसा करके आप अपने क्षेत्र के नागरिकों को बताएं कि सांसद / विधायक ने कोई जवाब दिया है कि नहीं | और दूसरे नागरिकों को भी ऐसा करने के लिए कहें | यदि आपके क्षेत्र में कुछ हजार लोगों ने ऐसा किया तो इसका अच्छा परिणाम जरूर आएगा | कमसे कम आप अपना कर्तव्य निभाएंगे केवल अपने 5 मिनट देकर |

इस प्रस्तावित प्रक्रिया के लागू होने से दूसरे जनहित के प्रक्रियाओं की आने की सम्भावना बढ़ जायेगी जिससे गरीबी और भ्रष्टाचार को कुछ ही महीनों में कम किया जा सकता है | इसके बारे में अधिक इस लिंक में पढ़ सकते हैं – http://www.smstoneta.com/prajaadhinbharat विशेषकर चैप्टर 1, 5, 6, 22 और 55 |

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One line demand from MP or MLA can immediately reduce exploitation of the commons and save the lives of witnesses etc.

Dear Citizens,

Pathetic condition of common citizens in today`s system - Today, we commons have to submit an application at a government office for telling our problems, for a complaint or to give a pro-common proposal. But the corrupt officials can easily suppress that application. Why ? Because the application giver or other citizens cannot see their own application once it is submitted.

Say a crime has occurred in your area and you file a FIR or give your statement and you get a copy of the FIR. Then, the corrupt police officers can form nexuses with criminals and suppress the FIR, evidences, witness statement etc. Because you cannot see the FIR or application once it is submitted.

And in today`s situation, the criminals can easily harass, threaten the witnesses ; so much so that the witnesses are killed sometimes. Because the criminals know that only a few people have the statement of the witness containing the facts with them and by suppressing or killing the witnesses, the evidences can easily be suppressed.

A simple solution - That is why, we have proposed that citizens should have the option, that if he/she wishes, then they can visit the specified government office, submit the application on a Rs.20 per page affidavit and get it scanned onto PM, CM or any specified website along with Voter ID number of the citizen, so that all can see the affidavit without logging-in.

This procedure can be implemented in less time, easily, through a government notification in the gazette. If this government order is passed, those common citizens will immediately benefit, who do not have any connections. Due to this procedure, no official, no media or official can suppress the applications of commons without the suppressing person being exposed to masses with proof. And then, everyone`s agenda will benefit because it will not be easy to suppress them.

But if citizens have this option that they can display their opinion publicly along with their Voter ID, then the police officer will see that he cannot suppress the evidences, lakhs-crores have already got the evidences. And gangsters will understand that the witness has shown his statement to the public - that is why there is no use to threaten or kill the witness. In this wy, this procedure is a life-saving procedure.

If you want that this one line procedure whose draft is mentioned below should be printed in the gazette by the PM or CM, then please send the following order via SMS or twitter to your MP or MLA respectively -

" I order you to promote via your website, private member bill etc. draft given in this link - tinyurl.com/EkLineMaang and get it printed in gazette.Or I will not vote for you / your party. Please setup a server like smstoneta.com so that SMS-opinions of citizens along with their voter IDs are seen by all, without login"

Besides sending your MP/MLA above mentioned SMS, also display proof of your opinion along with voter id by sending 2 SMS-es to already existing public sms server. If you want that citizens should have the option, that if he/she wishes, then they can visit the specified government office, submit the application on a Rs.20 per page affidavit and get it scanned onto PM, CM or any specified website, so that all can see the affidavit without logging-in, then please send from your mobile inbox, send to 08141277555 these 2 SMS-es –
.
• First sms will be in this format (meaning that you have to put your voter ID number between two star symbols and send sms)
.
*YourVoterIDNumber*
.
• Second SMS will have only 4 numbers for support of TCP (righttorecall.info/tcpsms ; This issue promotes all issues) which is the support code of TCP -
.
0011
.
Your support will come on this link – http://smstoneta.com/tcp
.
If sufficient internet voter id support is received, these pro-common laws will come.

And please inform other citizens via ads, pamphlets etc. to send similar sms to their MP/MLA

========================

Dear MP / MLA,

If you got the url to this status via SMS, then please consider it as order from the voter who sent you the SMS. (not from the author of this status).

Please print law-draft in Gazette for option for citizen to get their affidavit scanned onto PM website so that all can see the affidavit without logging-in. The draft is as follows -

[President orders the District Collector that]

If ANY citizen-voter comes with voter ID, submits a Right to Information application /complaint /any Opinion/Order/Evidence etc. as an affidavit to the Collector and demands it to be put on the Prime Minister’s website, so that all can see affidavit without logging in, the Collector (or his clerk) checks voter ID, collects Rs. 20 per page fee, issues a serial number and puts Voter-ID plus complete scanned copy of the affidavit on PM’s website.

=======================

Dear Citizens,

Please make a one line demand - You only have to do this much that ask from your MP or MLA via letter, e-mail, sms, twitter etc. that he promote and demand via website, private member bill etc. that citizens should have option to get their applications on affidavit scanned onto PM website, so that public can see that affidavit without logging-in. And tell your MP/MLA that if they do not do this, then you will not give vote to them or their party.

After doing this, please inform citizens of your area if you got any reply or not. And also ask other citizens to do the same. If few thousand citizens in your area do this, it will bring good results. At least, you will do your duty as a citizen by giving your 5 minutes.

If this proposed procedure is implemented, possibility increases that other pro-common procedures will come, which will reduce poverty and corruption in few months. Please see more about this in http://www.3linelaw.wordpress.com especially chapter 1,5,6, 22 and 55 .


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