प्रजा अधीन राजा समूह | Right to Recall Group

अधिकार जैसे कि आम जन द्वारा भ्रष्ट को बदलने/सज़ा देने के अधिकार पर चर्चा करने के लिए मंच
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PostPosted: Fri May 20, 2016 11:38 am 
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आरक्षण कम करने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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(SCROLL Down For English)
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नागरिक बन्धुओ,
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हम दलितों की सहमती से आरक्षण को कम करने का कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित कर रहे है। हमने इस समस्या के समाधान के लिए अन्य कानूनी ड्राफ्ट भी प्रस्तावित किये है, जिनकी जानकारी के लिए आप किसी भी राईट टू रिकाल कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते है। यह स्तम्भ हमारे मुख्य प्रस्ताव के बारे में है । यदि आपको इस प्रस्तुत ड्राफ्ट के स्पष्टीकरण से सम्बंधित किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है, तो कृपया अपने शहर में स्थित किसी भी रिकालिस्ट या राईट टू रिकाल ग्रुप के कार्यकर्ता से संपर्क करें । वे आपको इस ड्राफ्ट को समझने में सहयोग करेंगे । आप संपर्क करने के लिए उन्हें राईट टू रिकाल ग्रुप के फेसबुक समुदाय पर खोज सकते है । आप उन्हें फोन कर सकते है, उनसे मिल सकते है या फेसबुक समुदाय पर उनसे संवाद कर सकते है । यदि आप इस प्रस्तावित ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश करें कि इस कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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======सांसद को भेजे जाने वाले SMS आदेश का ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in tinyurl.com/AarakshanHatao
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=====SMS ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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सांसद के लिए सूचना
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सांसद महोदय, यदि आपको SMS द्वारा इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए सन्देश प्राप्त होता है तो, इसे सन्देश भेजने वाले मतदाता का आदेश माना जाए न कि इस स्तम्भ के लेखक का ।
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========कानूनी ड्राफ्ट का प्रारम्भ=====
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(1) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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प्रधानमन्त्री आरक्षित वर्ग के नागरिको के लिए 'आर्थिक विकल्प' चुनने की प्रक्रिया के संचालन तथा प्रबंधन के लिए एक सचिव की नियुक्ति करेंगे।
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(2) [तहसीलदार तथा अजा/अजजा/अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिको के लिए निर्देश]
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(2.1) SC/ST/OBC वर्ग का कोई भी नागरिक तहसीलदार कार्यालय में उपस्थित होकर, तीन रू शुल्क का भुगतान कर 'आर्थिक विकल्प' के लिए खुद को पंजीकृत करवा सकेगा । यदि प्रार्थी कि आयु 18 वर्ष से कम है तो 'आर्थिक विकल्प' चुनने का निर्णय उसकी माता करेगी । यदि किसी व्यक्ति ने आरक्षण का लाभ लेकर नौकरी या शिक्षा प्राप्त की है, तो वह आर्थिक विकल्प चुनने का पात्र नही होगा । कोई व्यक्ति किसी भी दिन अपने आर्थिक विकल्प की पात्रता को बिना कोई शुल्क दिए रद्द कर सकेगा ।
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(2.2) यदि कोई व्यक्ति आर्थिक विकल्प चुनता है, तो वह 100 रू तत्काल तथा हर महीने के अंत में 50 रू प्राप्त करेगा, जब तक कि वह अपने आर्थिक विकल्प के दर्जे को रद्द नहीं कर देता। इस राशि को मुद्रा स्फीति के अनुसार समय समय पर समायोजित किया जाता रहेगा। रूपये का भुगतान हर चार महीने में किया जाएगा ।
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(2.3) यदि व्यक्ति ने अपने आर्थिक विकल्प को रद्द कर दिया है तो वह आरक्षण का लाभ लेने के लिए फिर से आवेदन कर सकेगा । किन्तु यदि उसने आरक्षण का लाभ लिया है तो उसका नाम आर्थिक विकल्प सूची से हटा दिया जाएगा ।
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(3) [प्रधानमंत्री के लिए निर्देश]
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चुने हुए आर्थिक विकल्पों के लिए भुगतान की व्यवस्था हेतु आवश्यक धन संपत्ति कर से अर्जित किया जाएगा, अन्य किसी स्त्रोत से नहीं ।
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(4) [मुख्यमंत्री के लिए निर्देश]
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राज्य सरकारों या उनकी इकाइयों के अधीन ऐसी नियुक्तियों/परीक्षाओं के लिए, जिनमे चयन का आधार लिखित परीक्षा या/और शारीरिक दक्षता परीक्षा या/और अन्य कोई वस्तुनिष्ठ परीक्षा है, के लिए SC/ST/OBC वर्ग के आरक्षित कोटे के प्रतिशत का निर्धारण करने के लिए, SC/ST/OBC वर्ग के नागरिको द्वारा चुने गए आर्थिक विकल्पों के प्रतिशत को SC/ST/OBC वर्ग के कोटे की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा । किन्तु घटायी गयी यह सीमा आरक्षित कोटे के लिए तय अधिकतम सीमा के एक चौथाई से कम नही होगी ।
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स्पष्टीकरण-1 : मान लीजिये कि किसी राज्य में ST वर्ग की जनसँख्या 1 करोड़ तथा इस वर्ग के लिए आरक्षित कोटे की अधिकतम सीमा 14% है । यदि इस राज्य के 1 करोड़ ST वर्ग के नागरिको में से 45 लाख नागरिक आर्थिक विकल्प चुनते है, तो अमुक राज्य के लिए ST वर्ग के लिए लागू आरक्षित कोटा (14 -14×0.45 = 7.7%) 7.7 प्रतिशत होगा । किन्तु यदि 1 करोड़ में से 90 लाख नागरिक आर्थिक विकल्प चुनते है, तब भी आरक्षित कोटा अधिकतम सीमा (14%) का एक चौथाई (14÷4=3.5%) यानी 3.5 प्रतिशत बना रहेगा ।
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स्पष्टीकरण-2 : अनुच्छेद (4) उन पदों की चयन प्रक्रिया पर लागू नही होगा जिन पदों पर नियुक्ति के लिए साक्षात्कार और/या अन्य किसी व्यक्तिनिष्ठ मूल्यांकन को आधार बनाया गया हो ।
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(5) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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केंद्र सरकार या उनकी इकाइयों के अधीन ऐसी नियुक्तियों/परीक्षाओं के लिए, जिनमे चयन का आधार लिखित परीक्षा या/और शारीरिक दक्षता परीक्षा या/और अन्य कोई वस्तुनिष्ठ परीक्षा है, के लिए SC/ST/OBC वर्ग के आरक्षित कोटे के प्रतिशत का निर्धारण करने के लिए, SC/ST/OBC वर्ग के नागरिको द्वारा चुने गए आर्थिक विकल्पों के प्रतिशत को SC/ST/OBC वर्ग के कोटे की अधिकतम सीमा में से घटा दिया जाएगा । किन्तु घटायी गयी यह सीमा आरक्षित कोटे के लिए तय अधिकतम सीमा के एक चौथाई से कम नही होगी ।
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टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान :
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(टी सी पी.1) [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में कोई संशोधन करना चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र प्रस्तुत कर सकेगा । कलेक्टर 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर स्कैन करके दर्ज करेगा और बदले में छपी हुयी रसीद देगा ।
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(टी सी पी.2) [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
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यदि कोई मतदाता इस अधिनियम के किसी सेक्शन, अनुच्छेद या धारा में संशोधन चाहता है या टी सी पी की धारा एक के तहत दर्ज किये गए किसी शपथपत्र पर अपनी हाँ या ना दर्ज कराता है, तो पटवारी 3 रू लेकर उसे दर्ज करेगा तथा मतदाता की हाँ/ना को उसकी मतदाता पहचान संख्या के साथ प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
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(टी सी पी.3) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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यदि किसी शपथपत्र पर कुल मतदाताओं के 51% मतदाता हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमन्त्री ऐसे शपथपत्र पर कार्यवाही कर सकते है, या इस्तीफा दे सकते या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नही है । प्रधानमन्त्री का फैसला अंतिम होगा ।
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=========कानूनी ड्राफ्ट की समाप्ति=======
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पाठको के लिए स्पष्टीकरण :
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दलित क्यों इस क़ानून का समर्थन करेंगे ?
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क्योंकि 80% से अधिक दलित गरीब है और 12 वी कक्षा पास भी नहीं है, अत: उनके लिए आरक्षण की कोई उपयोगिता नही है । एक 5 सदस्यीय परिवार यदि आर्थिक विकल्प चुनता है तो उसे बिना किसी हानि के 3000 रू का लाभ प्राप्त होगा। इस तरह ज्यादा से ज्यादा दलित आर्थिक विकल्प चुनेंगे, और उसी अनुपात में आरक्षित सीटों में कमी हो जायेगी । जब कोई दलित आरक्षण का लाभ लेना चाहेगा, तो आर्थिक विकल्प को त्याग कर फिर से आरक्षण के लिए आवेदन कर सकेगा । इस तरह व्यावहारिक रूप से आरक्षित कोटे में दलितों की सहमती से कमी आ जायेगी ।
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लागत
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भारत में SC/ST/OBC वर्ग के नागरिको की संख्या 80 करोड़ है । यदि इन वर्गो के सभी नागरिक आर्थिक विकल्प चुन लेते है, तब भी यह राशि 50 हजार करोड़ होती है, जो कि भारत की जीडीपी का सिर्फ 1% है । हमारा प्रस्ताव है कि यह राशि सिर्फ वेल्थ टेक्स से ही एकत्र की जानी चाहिए, अन्य किसी स्त्रोत से नही ।


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PostPosted: Fri May 20, 2016 11:43 am 
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अति पिछड़े वर्ग तथा संपन्न वर्ग के लिए आरक्षण हेतु राईट टू रिकाल ग्रुप द्वारा प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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नागरिक बन्धुओ,
राईट टू रिकाल ग्रुप ने आरक्षण की वर्तमान विसंगतियों को दूर करने तथा दलितों की सहमती से आरक्षण को कम करने के लिए विभिन्न कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है । दलितों की सहमती से आरक्षण कम करने के मुख्य प्रस्ताव को आप निम्नांकित लिंक पर देख सकते है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao
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यह स्तम्भ अति पिछड़े व संपन्न वर्ग के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट के बारे में है । आरक्षण के वर्तमान प्रावधानों से दलित वर्ग के अति पिछड़े वर्ग को प्रयाप्त लाभ नही मिल पा रहा है, जबकि संपन्न वर्ग (क्रीमीलेयर) आरक्षण के लाभों का ज्यादा उपयोग कर रहा है ।
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उदाहरण के लिए ST वर्ग में 10 उप जातियां जैसे भील तथा मीणा शामिल है । यदि ST वर्ग में भीलो की आबादी 50% तथा मीणा की आबादी 30% है तो भीलो को भी इसी अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए । किन्तु यदि ST वर्ग में आरक्षण का लाभ लेकर मीणा जाति ने 60% प्रतिनिधित्व प्राप्त कर लिया है तो इसका दुष्प्रभाव यह होगा कि ST वर्ग की अन्य जातियां पिछड़ी हुयी ही रहेगी, जबकि पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त कर चुकी जातियों का प्रतिनिधित्व बढ़ता जाएगा ।
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इसी तरह SC/ST/OBC वर्ग में जो व्यक्ति संपन्न हो चुके है, उनके लाभों को घटाकर उसी वर्ग के शेष पिछड़े हुए व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए ।
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इन व्यवस्था को लागू करने के लिए हमें सबसे पहले एक जातिय जनगणना की आवश्यकता है, ताकि प्राप्त आंकड़ो के आधार पर न्यायोचित व्यवस्था बनायी जा सके । इस ड्राफ्ट में जातिगत आधार पर जनगणना के लिए भी निर्देश शामिल किये गए है ।
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यदि आपको इस प्रस्तुत ड्राफ्ट के स्पष्टीकरण से सम्बंधित किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है, तो कृपया अपने शहर में स्थित किसी भी रिकालिस्ट या राईट टू रिकाल ग्रुप के कार्यकर्ता से संपर्क करें । वे आपको इस ड्राफ्ट को समझने में सहयोग करेंगे । आप संपर्क करने के लिए उन्हें राईट टू रिकाल ग्रुप के फेसबुक समुदाय पर खोज सकते है । आप उन्हें फोन कर सकते है, उनसे मिल सकते है या फेसबुक समुदाय पर उनसे संवाद कर सकते है । यदि आप इस प्रस्तावित ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश करें कि इस कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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======सांसद को भेजे जाने वाले SMS आदेश का ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in http://tinyurl.com/AarakshanGhatao2
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=====SMS ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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सांसद के लिए सूचना
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सांसद महोदय, यदि आपको SMS द्वारा इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए सन्देश प्राप्त होता है तो, इसे सन्देश भेजने वाले मतदाता का आदेश माना जाए न कि इस स्तम्भ के लेखक का ।
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=======कानूनी ड्राफ्ट का प्रारम्भ=======
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सेक्शन -1
(1) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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देश के सभी हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन धर्मावलंबियो के बारे में निम्नलिखित ब्यौरा एकत्र करने के लिए प्रधानमन्त्री जातिय जनगणना करवाएंगे -- व्यक्ति का नाम, पहचान संख्या, जाति, उपजाति, सम्बंधित SC/ST/OBC वर्ग, उसके स्वामित्व की अकृषि भूमि का ब्यौरा एवं इस भूमि का सर्कल मूल्य, पिछले तीन वर्षो में प्रस्तुत आयकर प्रतिवेदन के आधार पर या सरकारी अभिलेखों में उसके द्वारा घोषित की गयी उसकी औसत आय ।
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(2) [सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ ले चुका है तो उसे अपनी सही/सच्ची जाति की घोषणा करनी होगी । यदि वह ऐसा नही करता है तो ज्यूरी मंडल उसे 6 माह के कारावास की सजा सुना सकेगा ।
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(3) [प्रधानमन्त्री एवं सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ लेना चाहता है तो उसे अपनी सही/सच्ची जाति की घोषणा करनी होगी । यदि वह ऐसा नही करता है तो उसे भविष्य में कभी आरक्षण का लाभ नही मिलेगा ।
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(4) [प्रधानमन्त्री एवं सभी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति अपनी जाति की घोषणा नही करता है तो उसे सामान्य वर्ग में माना जाएगा ।
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(5) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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इसी अधिनियम के सेक्शन-2 में दी गयी तालिका-1 के अनुसार प्रधानमन्त्री व्यक्तियों को अंक आवंटित करेंगे ।
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(6) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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प्रधानमन्त्री प्रत्येक जाति एवं उपजाति के लिए औसत अंको की गणना करेंगे ।
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(7) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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प्रधानमन्त्री SC, ST एवं OBC वर्ग की सभी जातियों को आवंटित अंको के आधार पर घटते हुए क्रम में सूचीबद्ध करेंगे । वे SC, ST तथा OBC वर्ग की सूचियों को निम्नांकित विधि से 4 भागो में विभाजित करेंगे -- समूह-1 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिन्दु के बराबर या अधिक का औसत। समूह-2 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिंदु और मध्य बिंदु के 0.75 के गुणन के बीच का औसत । समूह-3 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिंदु के 0.25 तथा 0.5 के गुणन के बीच का औसत । समूह-4 : अमुक जाति के अंको के मध्य बिन्दु के 0.25 के गुणन से कम का औसत ।
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(8) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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आरक्षित कोटे से अर्हित (क्वालीफाई) उम्मीदवारों की 4 वरीयता सूचियाँ बनायी जायेगी तथा चौथे समूह से 4 उम्मीदवार, तीसरे समूह से 3 उम्मीदवार, दुसरे समूह से 2 उम्मीदवार तथा पहले समूह से एक उम्मीदवार का चयन किया जाएगा ।
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(9) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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अंक सूचियों को हर वर्ष अद्यतन एवं समायोजित किया जाएगा ।
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(10) [मुख्यमन्त्री के लिए निर्देश]
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मुख्यमंत्री SC, ST तथा OBC वर्ग की जातियों के लिए इसी प्रकार की समूह आधारित सूचियाँ तैयार करेंगे, तथा आरक्षण के लिए उम्मीदवारों को उपरोक्त वर्णित विधि के अनुसार वरीयता देंगे ।
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(11) [प्रधानमन्त्री एवं मुख्यमंत्री के लिए निर्देश]
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यदि किसी जाति के अंको का औसत देश के अंको के औसत से अधिक हो जाता है तो उस जाति को SC/ST/OBC की श्रेणी से हटा दिया जाएगा ।
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सेक्शन -2 : अंक निर्धारक सूचकांक तालिका-1
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(1) प्रधानमन्त्री, उच्चतम न्यायलय के न्यायधीश, उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश, केंद्र सरकार में नियामक, रिजर्व बेंक गवर्नर एवं डिप्टी गवर्नर, बेंक चेयरमेन - 50 लाख अंक
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(2) उच्च न्यायलय के न्यायधीश, मुख्य सत्र न्यायधीश, केंद्र सरकार के अधीन उप सचिव, राज्य सरकारों के नियामक तथा मुख्यमंत्री - 40 लाख अंक
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(3) सत्र न्यायधीश एवं केंद्र सरकार के मंत्री - 10 लाख अंक
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(4) अन्य निचली अदालतों के न्यायधीश एवं राज्य सरकारों के मंत्री - 5 लाख अंक
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(5) सांसद एवं अधिनस्थ सचिव पद से ऊपर पदक्रम के अधिकारी - 1 लाख अंक
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(6). विधायक एवं पंचायत सरपंच - 15 हजार अंक
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(7) सार्वजनिक उपक्रमो (PSU) को छोड़ते हुए केंद्र तथा राज्य के सभी विभागों के प्रथम श्रेणी के अधिकारी - 20 हजार अंक
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(8) केंद्र तथा राज्यों के अधीन सभी द्वितीय श्रेणी के अधिकारी - 10 हजार अंक
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(9) केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधीन सभी तृतीय श्रेणी के अधिकारी - 5 हजार अंक
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(10) उपरोक्त वर्णित सभी अधिकारियों को सम्मिलित करते हुए केंद्र, राज्य एवं सार्वजनिक उपक्रमों के सभी श्रेणी के अधिकारी - वार्षिक आय÷100
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(12) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति* दर से 10 लाख गुना अधिक संपत्ति धारण करने वाले व्यक्ति - 1 करोड़ अंक
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(13) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 1 लाख गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 10 लाख अंक
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(14) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 10 हजार गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 1 लाख अंक
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(14) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 1 हजार गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 10 हजार अंक
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(15) प्रति व्यक्ति सम्पत्ति दर से 100 गुना अधिक मूल्य की संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति - 1 हजार अंक
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* सम्पत्ति में चेरिटेबल ट्रस्टो की सम्पत्ति शामिल है, जो अमुक ट्रस्ट के ट्रस्टियों में विभाजित होगी ।
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टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान :
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सेक्शन-3 : टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान
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(टी सी पी.1) [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में कोई संशोधन करना चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र प्रस्तुत कर सकेगा । कलेक्टर 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर स्कैन करके दर्ज करेगा और बदले में छपी हुयी रसीद देगा ।
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(टी सी पी.2) [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
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यदि कोई मतदाता इस अधिनियम के किसी सेक्शन, अनुच्छेद या धारा में संशोधन चाहता है या टी सी पी की धारा एक के तहत दर्ज किये गए किसी शपथपत्र पर अपनी हाँ या ना दर्ज कराता है, तो पटवारी 3 रू लेकर उसे दर्ज करेगा तथा मतदाता की हाँ/ना को उसकी मतदाता पहचान संख्या के साथ प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
.
(टी सी पी.3) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
.
यदि किसी शपथपत्र पर कुल मतदाताओं के 51% मतदाता हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमन्त्री ऐसे शपथपत्र पर कार्यवाही कर सकते है, या इस्तीफा दे सकते या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नही है । प्रधानमन्त्री का फैसला अंतिम होगा ।
=======ड्राफ्ट की समाप्ति======


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PostPosted: Fri May 20, 2016 11:52 am 
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उच्चतम न्यायलय में व्यक्तिनिष्ठ (साक्षात्कार) चयन प्रक्रियाओं के आधार पर नियुक्तियों के लिए आरक्षण का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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नागरिक बन्धुओ,
राईट टू रिकाल ग्रुप ने आरक्षण की वर्तमान विसंगतियों को दूर करने तथा दलितों की सहमती से आरक्षण को कम करने के लिए विभिन्न कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है । दलितों की सहमती से आरक्षण कम करने के मुख्य प्रस्ताव को आप निम्नांकित लिंक पर देख सकते है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao
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SC/ST/OBC वर्ग में जो व्यक्ति संपन्न हो चुके है, उनके लाभों को घटाकर उसी वर्ग के शेष पिछड़े हुए व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए । इस सम्बन्ध में प्रस्तावित ड्राफ्ट इस लिंक पर देखा जा सकता है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao2
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अहिंदू धर्मावलंबियो के आरक्षण लाभों पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट का लिंक :
tinyurl.com/AarakshanGhatao1
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यह स्तम्भ उच्चतम न्यायलय में न्यायधीशों की नियुक्ति के सम्बन्ध में लिखा गया है । प्रस्तावित क़ानून जिन पदों की नियुक्ति लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाती है, उनमे SC/ST/OBC वर्ग के लिए अनिवार्य आरक्षण सुनिश्चित करता है । यदि नियुक्ति साक्षात्कार के माध्यम से की जाती है तो प्रधानमन्त्री सरकारी आदेश से ऐसे पदों पर आरक्षण लागू कर सकेंगे ।
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यदि आपको प्रस्तुत ड्राफ्ट या आरक्षण से सम्बंधित प्रस्तावित अन्य ड्राफ्ट्स के स्पष्टीकरण में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है, तो कृपया अपने शहर में स्थित किसी भी रिकालिस्ट या राईट टू रिकाल ग्रुप के कार्यकर्ता से संपर्क करें । वे आपको इस ड्राफ्ट को समझने में सहयोग करेंगे । आप संपर्क करने के लिए उन्हें राईट टू रिकाल ग्रुप के फेसबुक समुदाय पर खोज सकते है । आप उन्हें फोन कर सकते है, उनसे मिल सकते है या फेसबुक समुदाय पर उनसे संवाद कर सकते है । यदि आप इस प्रस्तावित ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश करें कि इस कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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======सांसद को भेजे जाने वाले SMS आदेश का ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in http://tinyurl.com/AarakshanGhatao3
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=====SMS ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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सांसद के लिए सूचना
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सांसद महोदय, यदि आपको SMS द्वारा इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए सन्देश प्राप्त होता है तो, इसे सन्देश भेजने वाले मतदाता का आदेश माना जाए न कि इस स्तम्भ के लेखक का ।
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=======कानूनी ड्राफ्ट का प्रारम्भ=========
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सेक्शन- 1
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(1) (प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश)
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सैन्य विभाग के अलावा यह अधिनियम संघीय सरकार द्वारा वित्त पोषित तथा संघीय सरकार के अधीन कार्यरत सभी संस्थाओं/विभागों/इकाइयों पर लागू होगा । यह अधिनियम सभी न्यायलयों तथा विश्वविद्यालयों पर लागू होगा ।
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(2) (प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश)
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यदि कोई संस्था किन्ही पदों पर नियुक्ति के लिए सामान्य चुनावी प्रक्रिया के स्थान पर साक्षात्कार या व्यक्तिनिष्ठ प्रक्रिया या किसी अवस्तुनिष्ठ प्रक्रिया का प्रयोग करती है तो प्रधानमन्त्री को यह अधिकार होगा कि वे अमुक पदों की चयन प्रक्रिया के लिए जातिगत आधार पर SC/ST/OBC वर्ग हेतु आरक्षण लागू करने के लिए सरकारी आदेश जारी कर सकेंगे ।
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(3) प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश)
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अब से उच्चतम न्यायलय में 7% पद SC के लिए, 14% पद ST के लिए तथा 25% पद OBC के लिए आरक्षित रहेंगे । प्रतिशत द्वारा निर्धारित पदों का पूर्णांक प्राप्त करने के लिए प्रथम 5 वर्षो तक छोटी संख्या तथा अगले 5 वर्षो तक बड़ी संख्या को आधार बनाया जाएगा । यदि उच्चतम न्यायलय में न्यायधीशों की नियुक्ति का आधार अवस्तुनिष्ठ चयन होता है तो यह अधिनियम ऐसी नियुक्तियों पर लागू होगा । यदि नियुक्ति का आधार सामान्य चुनाव है तो आरक्षण जारी रहेगा । यदि चयन का आधार वस्तुनिष्ठ है, तो आरक्षण लागू नहीं होगा ।
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सेक्शन-2 : टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान :
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(टी सी पी.1) [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
.
यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में कोई संशोधन करना चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र प्रस्तुत कर सकेगा । कलेक्टर 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर स्कैन करके दर्ज करेगा और बदले में छपी हुयी रसीद देगा ।
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(टी सी पी.2) [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
.
यदि कोई मतदाता इस अधिनियम के किसी सेक्शन, अनुच्छेद या धारा में संशोधन चाहता है या टी सी पी की धारा एक के तहत दर्ज किये गए किसी शपथपत्र पर अपनी हाँ या ना दर्ज कराता है, तो पटवारी 3 रू लेकर उसे दर्ज करेगा तथा मतदाता की हाँ/ना को उसकी मतदाता पहचान संख्या के साथ प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
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(टी सी पी.3) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
.
यदि किसी शपथपत्र पर कुल मतदाताओं के 51% मतदाता हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमन्त्री ऐसे शपथपत्र पर कार्यवाही कर सकते है, या इस्तीफा दे सकते या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नही है । प्रधानमन्त्री का फैसला अंतिम होगा ।
========ड्राफ्ट की समाप्ति=======


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PostPosted: Fri May 20, 2016 11:52 am 
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गैर हिन्दू धर्मावलंबियो के आरक्षण लाभों पर रोक के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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नागरिक बन्धुओ,
राईट टू रिकाल ग्रुप ने आरक्षण की वर्तमान विसंगतियों को दूर करने तथा दलितों की सहमती से आरक्षण को कम करने के लिए विभिन्न कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है । दलितों की सहमती से आरक्षण कम करने के हमारे मुख्य प्रस्ताव को आप निम्नांकित लिंक पर देख सकते है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao
.
इसी तरह SC/ST/OBC वर्ग में जो व्यक्ति संपन्न हो चुके है, उनके लाभों को घटाकर उसी वर्ग के शेष पिछड़े हुए व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए । इस सम्बन्ध में प्रस्तावित ड्राफ्ट इस लिंक पर देखा जा सकता है :
tinyurl.com/AarakshanGhatao2
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यह स्तम्भ अहिंदू धर्मावलम्बियों के आरक्षण सम्बन्धी प्रावधानों के बारे में है । राईट टू रिकाल ग्रुप द्वारा प्रस्तावित यह क़ानून अहिंदू धर्मावलम्बियों को आरक्षण के लाभ से वंचित करता है। ड्राफ्ट में उत्पत्ति के आधार पर जैन, बौद्ध तथा सिक्ख धर्मावलंबियो को हिन्दू धर्म की श्रेणी में ही रखा गया है ।
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यदि आपको प्रस्तुत ड्राफ्ट या आरक्षण से सम्बंधित प्रस्तावित अन्य ड्राफ्ट्स के स्पष्टीकरण में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता महसूस होती है, तो कृपया अपने शहर में स्थित किसी भी रिकालिस्ट या राईट टू रिकाल ग्रुप के कार्यकर्ता से संपर्क करें । वे आपको इस ड्राफ्ट को समझने में सहयोग करेंगे । आप संपर्क करने के लिए उन्हें राईट टू रिकाल ग्रुप के फेसबुक समुदाय पर खोज सकते है । आप उन्हें फोन कर सकते है, उनसे मिल सकते है या फेसबुक समुदाय पर उनसे संवाद कर सकते है । यदि आप इस प्रस्तावित ड्राफ्ट का समर्थन करते है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश करें कि इस कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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======सांसद को भेजे जाने वाले SMS आदेश का ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in http://tinyurl.com/AarakshanGhatao1
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=====SMS ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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सांसद के लिए सूचना
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सांसद महोदय, यदि आपको SMS द्वारा इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित करने के लिए सन्देश प्राप्त होता है तो, इसे सन्देश भेजने वाले मतदाता का आदेश माना जाए न कि इस स्तम्भ के लेखक का ।
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======कानूनी ड्राफ्ट का प्रारम्भ======
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सेक्शन -1
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(1) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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SC, ST तथा OBC वर्ग के नागरिको को प्राप्त आरक्षण के लाभ सिर्फ हिन्दू, जैन, बौद्ध एवं सिक्ख धर्म के SC, ST एवं OBC वर्ग के नागरिको के लिए ही उपलब्ध रहेंगे ।
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(2) [प्रधानमन्त्री एवं सभी के लिए निर्देश]
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SC, ST तथा OBC वर्ग के नागरिको को प्राप्त आरक्षण के लाभ हिन्दू, जैन, बौद्ध एवं सिक्ख धर्म के SC, ST एवं OBC वर्ग के नागरिको के अलावा अन्य किसी भी धर्म के नागरिको के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे ।
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सेक्शन -2
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टी सी पी - जनता की आवाज के प्रावधान :
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(टी सी पी.1) [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में कोई संशोधन करना चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर शपथपत्र प्रस्तुत कर सकेगा । कलेक्टर 20 रू प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर स्कैन करके दर्ज करेगा और बदले में छपी हुयी रसीद देगा ।
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(टी सी पी.2) [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
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यदि कोई मतदाता इस अधिनियम के किसी सेक्शन, अनुच्छेद या धारा में संशोधन चाहता है या टी सी पी की धारा एक के तहत दर्ज किये गए किसी शपथपत्र पर अपनी हाँ या ना दर्ज कराता है, तो पटवारी 3 रू लेकर उसे दर्ज करेगा तथा मतदाता की हाँ/ना को उसकी मतदाता पहचान संख्या के साथ प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
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(टी सी पी.3) [प्रधानमन्त्री के लिए निर्देश]
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यदि किसी शपथपत्र पर कुल मतदाताओं के 51% मतदाता हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमन्त्री ऐसे शपथपत्र पर कार्यवाही कर सकते है, या इस्तीफा दे सकते या उन्हें ऐसा करने की जरुरत नही है । प्रधानमन्त्री का फैसला अंतिम होगा ।
======कानूनी ड्राफ्ट की समाप्ति=======


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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 1:24 pm 
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Sub : proposed law-draft to reduce EFFECTIVE reservation to almost 5% using YESes of poor SC , ST, OBCs
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Dear voters of India,
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This status post has a law-draft that can reduce effective reservation from 49% to almost 5%. or even less. If you support the law-draft , then pls send order to your MP via SMS and in the SMS, pls send the link to this profile. For full and exact SMS-text , pls see the first comment. And pls also take the steps mentioned in second comment and other first five comments
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=====
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Dear MP,
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If you receive status to think link via SMS , then please consider it as order from your voter and not from author of this post
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=====
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Dear MP,
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I , voter, order you to order PM to print following law-draft in the Gazette.
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=== start of GN ====
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1. ( instruction to Talati i.e. Patwari i.e. Village Office )
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(1.1) If any Dalit or ST or OBC voter , or person above age of 14 years, comes to Talati of his area , and signs the form in which he states that he wants Rs 1000 per year i.e. ECONOMIC CHOICE and does not want benefit of caste based reservation, then the Talati will accept the form , along with his name, voter card number and / or ration card number and / or addhar card number , and also take Jan Dhan account number.
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Comment : Please note that above section defines economic choice
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(1.2) Talati will allow any voter to cancel Economic Choice anyday And he can accept economic choice anyday.
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2. ( instruction to Talati , Tahsildaar , District Collectors ) Each Talati , Tahasildar and DC will publish following numbers for their village / ward , Tahsil and District
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(a1) number of SC above age of 18 years
(a2) number of SC between age of 14 years and 18 years.
(a3) number of SC above age of 18 years , who opted for economic choice
(a4) number of SC between age of 14 years and 18 years. who opted for economic choice
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(b1) number of ST above age of 18 years
(b2) number of ST between age of 14 years and 18 years.
(b3) number of ST above age of 18 years , who opted for economic choice
(b4) number of ST between age of 14 years and 18 years. who opted for economic choice
.
(c1) number of OBC above age of 18 years
(c2) number of OBC between age of 14 years and 18 years.
(c3) number of OBC above age of 18 years , who opted for economic choice
(c4) number of OBC between age of 14 years and 18 years. who opted for economic choice
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3. ( instruction to Chief Secretaries of all State Govts and Central Govt ) The Chief secretaries will publish the above numbers for their respective state and whole of India
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4. ( instruction to Chief Secretaries of all State Govts )
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4.1 Say population of all individuals above 18 years is N crores in a state. Say SC above age of 18 years in that state is S crores and of the SCs, E crores have opted for economic choice. The reservation for jobs / colleges / etc for SC in that state will be (S - E ) / N * 100% . i.e. Those who have opted for economic choice will be pro-rata subtracted for all reservation in all jobs, colleges etc.
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4.2 The Chief Secretaries will apply same rule as (4.1) for ST , OBC and all other caste based reservation in their States.
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5. ( instruction to Chief Secretaries of Central Govt )
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5.1 Say population of all individuals above 18 years is N crores across India, Say SC above age of 18 years in India is S crores and of the SCs, E crores have opted for economic choice. Then reservation for jobs / colleges / etc for SC in Central Govt Departments / PSUs / colleges / etc will be (S - E ) / N * 100% . i.e. Those who have opted for economic choice will be pro-rata subtracted for all reservation in all jobs, colleges etc.
.
5.2 The Chief Secretary will apply same rule as (5.1) for ST , OBC and all other caste based reservation in Central Govt departments / PSUs / colleges
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6. ( instruction for all officers ) This GN will NOT apply towards scholarships and other monetary benefits. eg if scholarship is announced for SC / ST or OBC students, then it will be NOT be reduced by number of voters who have opted for Economic Choice. This GN will apply only for jobs , college seats, promotion seats, quota in contracts
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7. ( instruction to Central / State Election Commissioners ) This GN will not apply on elected positions.
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8. The person who has opted for Economic Choice cannot take benefit of reservation.
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9. ( instruction for Talati ) If a person has given up economic choice once and takes economic choice again, then it will become effecitive from next year The money will deposited by Talati in the person's bank account on 2nd-april for number of days he was on economic choice between 1-apr of previous year and 31-mar of current year.
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10. The amount for chilrean below 14 years will be Rs 500 / year and children above 14 years will be Rs 1000 / year . The money of children will be deposited in account or mother. And in case mother doesnt have account or mother isnt alive or sane, then amount will be deposited in the account of father.If child is above 14 years and he has his own account , then money will be deposited in his account.
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11. If a person has more than 2 childre, then he will get amount only for two of the eldest children. If a couple has only one child, then it will get amount for two children of his / her age. If a person is above 25 years and has no child, then he will get 1.5 times the amount.
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12. PM can change the anount wrt inflation. His decision will be final.
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========= end of GN ====


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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 2:24 pm 
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https://www.facebook.com/mehtarahulc/po ... 0537221922

Sub : Order your MP via SMS to print law-draft to fix a serious flaw in caste based reservation system
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Dear voter of India ,
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Today, reservation provision has serious flaw as follows
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1. Say there 100 seats, say 15 are reserved for SC, 7 for ST, 27 for OBC, and 100 - 7 - 15 - 27 = 51 are general
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2. Say some 1000 students give exams
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3. Say in top 100 of all 1000 students, 2 are SC, 1 is ST and 8 are OBC
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4. Then SC , ST and OBC students in top hundred have option of chosing seats in BOTH , their caste quota as well as general quota !!
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5. Please re-read the SERIOUS flaw .
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6. So say, 2 SC and 1 ST and 8 OBC students decide to take General quota seats, then seats for General students in merit list of top 100 decrease to 51 - 8 - 2 - 1 = 40 !!! And total number of SC, ST and OBC getting selected will be then 15 + 2 = 17 , 7 + 1 = 8 , 27 + 8 = 35 !!
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Solution proposed is in following law-draft.
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=====
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Dear MP,
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If you receive status to think link via SMS , then please consider it as order from your voter and not from author of this post
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Dear MP,
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I , voter, order you to order PM to print following law-draft in the Gazette.
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=== start of GN ====
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1. If any candidate who belongs to a caste or group which has reservation, decides to take seat in General category, then he will be allowed
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2. But , in such case, one seat will be decreased from the caste or group he belongs to
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3. This notification will NOT apply on elections, and will apply only on college seats and jobs in State or Union Government , including Municipal / Panchayat units. and all PSUs.
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4. Further, if before appear in exam or before applying, if the candidate has explicily mentioned "General quota" and shown decision not to apply within his quota, then the provision in (2) will not apply.
.
=====
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For more details, pls see first five comments


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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 2:27 pm 
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Some 20 years ago, law said that --- SC , ST OBC must taje reservation in their quota ONLY and they can apply for General ONLY of their quota is full. One OBC was topper and he didnt believe in reservation and so he insisted in General quota seat. He was denied and so he went to Supreme Court. So Supreme Court supported that OBC and ordered Govts that General Quota should be made avilable to all.
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So Govts opened General quota to all. But MPs didnt print law-draft that each time one SC or ST or OBC takes seat in general quota because of his high rank, one seat from SC , ST or OBC quota should be reduced.
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The activists also didnt ask for any such law-draft.
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So "double option with no cancellation" goes on !!!


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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 2:29 pm 
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https://www.facebook.com/mehtarahulc/po ... 3013736922

Sub : proposed law-draft to reduce reservation for sub-castes who already have more % in govt jobs than their % population
.
Dear voters of India,
.
This status post has a law-draft that can reduce effective reservation by a few % points. If you support the law-draft , then pls send order to your MP via SMS and in the SMS, pls send the link to this profile. For full and exact SMS-text , pls see the first comment. And pls also take the steps mentioned in second comment and other first five comments
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Dear MP,
.
If you receive status to think link via SMS , then please consider it as order from your voter and not from author of this post
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Dear MP,
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I , voter, order you to order PM to print following law-draft in the Gazette.
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=== start of GN ====
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1. ( instruction to PM or designated officer ) The PM or designated officer will publish list of all castes and sub-castes in India , statewise.
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2. ( instruction to Chief in-charge of Census , India ) The census in-charge will conduct a census in India and obtain caste and sub-caste of each citizen in India and publish the counts Gramwise, Wardwise, Tahsilwise, Districtwise as well as Statewise.
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3. ( instruction of Chief Secretaries of each State Govts and Central Govt) The Chief Secretaries will obtain and publish caste and sub-caste of each employee in Govt departments and PSUs , including Municipalities and Panchayats. .
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4. ( instruction of Chief Secretaries of each State Govts ) if % of job holders belonging to a sub-caste in a State Govt, including its PSUs and local bodies, is more than their % population of that sub-caste in the State , then reservation for that sub-caste will be suspended , till % in jobs goes below the % in population.
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Example --- Consider a sub-caste say XYZ . Say its % population a state, say Rajasthan is 2%. And say that their % in jobs in Rajasthan is 4%. Then till their % in jobs falls to 2%. that sub-caste members will not be eligible for reservation in Rajastham
,
5. ( instruction of Chief Secretaries of Central Govt ) if % of job holders in a Central Govt , including its PSUs and local bodies, is more than their % population in India , then reservation for that sub-caste will be suspended , till % in jobs goes below the % in population.
.
.6. ( instruction to all officers ). If a sub-caste is removed , then % of reservation will decrease by the same amount as % of that sub-caste. And if a sub-caste is added in the list of reservation castes, then reservation will be increased.
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========= end of GN ====
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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 2:29 pm 
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Joined: Sun Sep 12, 2010 2:49 pm
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eg Jamindar Meena (NOT Bheel Meena) of Rajasthan are over-represented in central govt. The % population of Jaimndaar Meena is 0.5% of India , or may be less, and they are (say?) 2% in Govt service. So as per my proposal, their quota will end for a few years. And so as per my proposal 0.5% share of their quota will be added to General


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PostPosted: Mon Jun 20, 2016 2:31 pm 
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Benefits that upper caste hindus got out of CBR = caste based reservation for SC / ST / OBC --- without CBR, many many SC / ST / OBC would have joined Missionaries, naxals etc, and using SC / ST / OBCs, missionaries and naxals would have run an Africa level mayhem in India.
..
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The discrimination against them in interviews was and still is so high, that without explicit caste based reservation even brightest of SC / ST / OBC would have simply failed in interview (eg judiciary interviews). And a large fraction of SC / ST / OBC would have turned towards missionaries, naxals and assorted nonsenses. eg in 1930s , the discrimination against SC was so high inside congress and in administration, than many SC started aaligning with Muslim :League !! (please google on Jogendranath Mandal). later,, when Pakistanis and Bangladeshis slaughtered and abducted all Hindus including SCs en-masse , SCs broke away with Muslim League. But post 1947, due to discrimination against them in interviews etc, they would have aligned with missionaries and naxals.
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And missionaries, naxals would have played an all out havoc using them. And with mayhem missionaries and naxals would have created , India would have become a worse place than Pakistan. The wealth that upper caste individuals would have been 1/10th of what they have today.
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IOW, whether they like or not, caste based reservation has stopped a valcano from erupting. And that has benefitted ALL --- all Indians.
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So when you oppose caste based reservation, first try to picture India if there was no caste based reservation from 1930 to today, and interview system and skewed education opportunity at birth would have continued as it is., then a large fraction would have joined naxals and missionaries. Now you extrapolate future events in that India, and your future in that India as well.
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========
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Babasaheb Ambedkar was approached by Saudi Islamists, Missionaries and Naxals to join them. But he stayed away from all of them. And he could keep Dalits away from Saudi Islamists, Missionaries and Naxals. And what helped Ambedkar in keeping Dalits away from Saudi Islamists, Missionaries and Naxals was caste based reservation. Has there been no caste based reservation, intelligent Dalits would have failed in interviews and never got any job anywhere.And they would have all joined Saudi Islamists, Missionaries or Naxals enmasse, Now extrapolate the future of India in that direction.
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====
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My point is --- today's upper caste individuals have deruved huge peace dividends from caste based reservation from dalits, tribals and OBCs.
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Now all that is past. What about today?
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Today, we have Congress / AAP supported reservation but have no intention to reduce discrimination SC / ST / OBC face due to skewed education opportunity in childhood and interview system. . BJP / RSS want to abolish reservation, but they too have NO intension of improving education for Dalits / Sc / OBC and removing interview system.
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We are Right to Recall Party have proposed to COMPLETELY abolish interview system at all entry level positions in govt jobs and all govt colleges (except medicine). Yes, even govt colleges like IIMs use interview system and corruption, nepotism and discrimination is OPENLY practiced in such interviews !!! Only we at Right to Recall Party have demanded ending such interviews. SoMoke have opposed complete removal of interviews.
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Next, we have proposed law-drafts to improve education for ALL poors and lower middle class such as Right to Recall District Education Officer, RTR Education Ministers, Saatya System etc. For details of these systems, please see 301.030 : RRG proposals to improve Maths, Law etc. Education at https://fb.com/notes/10150425669141922 . Again, SoMoKe and CoBhApSwara-workers have all opposed RTR-DEO and other RRP proposals to improve education.
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And finally, what about reservation?
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We have proposed law-drafts to reduce reservation using SUPPORT of POOR dalits / ST / OBCs. The proposals are
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(1) I have proposed a law-draft that will reduce reservation from 49% to 5% of may be less , at cost of Rs 1000 per YEAR per Dalit / ST / OBC i.e. about Rs 84000 crores per year, which will increase existing taxes by about 5% . The draft is at https://www.facebook.com/mehtarahulc/po ... 2759916922 . If you like the draft , pls follow instructions in the first five comments
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(2) Another proposed law-draft will further reduce caste based reservation by eliminated double options i,e. SC , ST and OBC can opt in General as well as their own quota . The draft is at https://www.facebook.com/mehtarahulc/po ... 0537221922
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(3) Another proposed law-draft is --- if % of job holders belonging to a sub-caste in a Govt, including its PSUs , is more than their % population of that sub-caste , then reservation for that sub-caste will be suspended for a few years. And Total % reservation will decrease by % population of that caste. The law-draft is at https://www.facebook.com/mehtarahulc/po ... 3013736922
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Details are in the above link.
,.
Now choice is yours. If toy want status quo, please support Congress / AAP. And if you want Dalit/ ST / OBCs to join naxals and missionaries, then follow the RSS / BJP proposals of killing reservation without creating any alternate remedies !!! And if you want to improve education for all poors, including dalits / tribals/ obcs and ALSO reduce reservation with support of their poors, then please work with Right to recall Party. Finally, your choice will decide the outcomes.


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