प्रजा अधीन राजा समूह | Right to Recall Group

अधिकार जैसे कि आम जन द्वारा भ्रष्ट को बदलने/सज़ा देने के अधिकार पर चर्चा करने के लिए मंच
It is currently Sun Nov 19, 2017 8:42 am

All times are UTC + 5:30 hours




Post new topic Reply to topic  [ 2 posts ] 
SR. No. Author Message
1
PostPosted: Thu May 26, 2016 6:20 pm 
Offline

Joined: Sun Sep 12, 2010 2:49 pm
Posts: 596
The income tax rates I propose are
.
from zero to 400,000 - 30% compulsory savings , 0% tax
from 4L to 6L - 20% compulsory savings , 10% tax
from 6L to 8L - 10% compulsory savings , 20% tax
from 8L up -- 0% compulsory savings , 30% tax
.
No HRA , no DA , no LTC etc etc.
No additional tax benefits for additional savings like PF, PPF, FD , Mutual Fund etc .
.
No 80G , no 80GGC , no 35AC etc exemptions for donations.
.
Before a person is 60 years, the money in compulsory will be available ONLY for medical expenses of person or close family member, marriage of son or daughter or self , education expenses of son or daughter or self , buying house (only 20%, and that too if CS is above Rs 10 lakhs), after age of 60 years. The interest on SC will be fixed deposit interest plus 1%. Upon death, it will go to nominee etc. All premature withdrawals except medical expenses will have to be repaid with 1% "penalty".
.
Corporation tax -- 33% flat
-------------------------
(dividends will be deducted from corporate income and will be taxed at 33% flat before distribution. So no double taxation on dividend).
.
No exemptions for SEZ , and no perks to employees.
.
Capital gains
----------------
short term , added to income
Long term --- 20% or add to income.
.
And all rates will increase if GoI needs more for military , police, courts etc .
The "compulsory savings" is to reduce financial burden of medicines etc on the fellow citizens. As times goes, financial costs of medicines will only rise and rise and rise.
.
So as such, everyone pays tax of 30% !! Except that for lower income groups , money is going for their compulsory savings..
.
The medical insurances will start after Rs 50000 is deducted from compulsory savings per year , and then insurance will cover 80% for the first 5 lakhs and full amount thereafter till a maximum (reverse from existing).
.
Life insurance for all is trivial.
.
=====
.
All talks of "higher taxes on higher incomes" is pointless. Also, most people who propose higher taxes on higher income actually support plethora of exemptions which finally create low tax on rich and higher taxes on poor.
.
The main proposal is of course wealth tax, which I have outlined in other statues.
.
I will later give a consolidated draft.

See more at http://fb.com/mehtarahulc/posts/10152627692331922


Top
 Profile  
 
2
PostPosted: Thu May 26, 2016 6:21 pm 
Offline

Joined: Sun Sep 12, 2010 2:49 pm
Posts: 596
Source - http://fb.com/pawan.jury/posts/951701361614767

आयकर के लिए राईट टू रिकॉल ग्रुप का प्रस्ताव
.
0 से 400,000 - 30% अनिवार्य बचत , 0% टैक्स
4 लाख से 6 लाख - 20% अनिवार्य बचत , 10% टैक्स
6 लाख से 8 लाख - 10% अनिवार्य बचत , 20% टैक्स
8 लाख से ऊपर - 0% अनिवार्य बचत, 30% टैक्स
.
आवासीय और महंगाई भत्तों पर कोई छूट नहीं।
प्रोविडेंट फंड, पब्लिक प्रोविडेंट फंड्स, फिक्स डिपोजिट, म्यूच्युल फंड्स तथा ऐसी ही अन्य योजनाओं आदि में की गयी बचतों पर करो में कोई अतिरिक्त छूट नहीं।
.
80G , 80GGC , 35AC आदि के अंतर्गत दिए गए अनुदानों पर करो में कोई छूट नहीं।
.
किसी व्यक्ति की आयु यदि 60 वर्ष से कम है तो वह 'अनिवार्य बचत' के कोष का इस्तेमाल सिर्फ दी गयी परिस्थितियों में ही कर सकेगा -- स्वयं या घनिष्ठ पारिवारिक सदस्यों के चिकित्सीय खर्चो, स्वयं या अपने पुत्र-पुत्रियों के वैवाहिक खर्चो लिए, स्वयं या अपने पुत्र-पुत्रियों की शिक्षा लिए तथा घर खरीदने के लिए (अनिवार्य बचत की 20% राशि ही आहरित की जा सकेगी, जबकि अनिवार्य बचत 10 लाख से अधिक हो)। 60 वर्ष की आयु के बाद अनिवार्य बचत पर जमा ब्याज (1% अतिरिक्त जोड़ते हुए) फिक्स डिपोजिट में जमा होगा। मरणोपरांत यह राशि अमुक व्यक्ति के नॉमिनी को चली जायेगी। चिकित्सीय खर्चो के अतिरिक्त किये गए सभी आहरणो का '1% पेनल्टी' जोड़ते हुए पुनर्भुगतान करना होगा।
.
कॉर्पोरेट टैक्स -- 33% फ्लेट
.
-----------------------
.
( प्राप्त किये गए लाभांश कॉर्पोरेट आय में से घटा दिए जाएंगे और इन लाभांशों पर वितरण से पहले 33% की दर से फ्लेट टैक्स लगाया जाएगा। इससे लाभांशों पर दोहरा कराधान लागू नहीं होगा )
.
विशेष आर्थिक जोन (SEZ) के लिए कोई छूट नहीं होगी न ही कर्मचारियों को दिए गए भत्तों में किसी प्रकार की राहत मिलेगी।
.
----------------
.
पूंजीगत लाभ
.
अल्पकालीन पूंजीगत लाभो को आय में जोड़ा जाएगा।
दीर्घकालीन पूंजीगत लाभो पर 20% कर देय होगा या इन्हे आय में जोड़ा जाएगा।
.
सेना, पुलिस और अदालतों के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए सरकार इन दरों में आवश्यकतानुसार बढ़ोतरी कर सकेगी।
'अनिवार्य बचत' से नागरिकों को चिकित्सीय खर्चो से निपटने में सहायता मिलेगी। क्योंकि जैसे जैसे वक्त गुजरेगा दवाइयों की कीमतें लगातार बढ़ने वाली है।
.
प्रकार इस नीति के आने से प्रत्येक व्यक्ति 30% आयकर चुकाएगा !! लेकिन निम्न वर्ग की आय का 30% 'अनिवार्य बचत' में चला जाएगा।
.
जब अनिवार्य बचत कोष में 50,000 की राशि जमा हो जायेगी तो चिकित्सीय बीमा शुरू होगा और प्रथम 5 लाख के लिए यह बीमा 80% तक की राशि को कवर करेगा।
.
जीवन बीमा के लिए प्रचलित नीति जारी रहेगी।
.
======
.
'ज्यादा कमाने वाले से ज्यादा टैक्स वसूल करो' के सभी प्रस्ताव फिजूल है। और वैसे भी धनिको से मोटा कर वसूलने की पैरवी करने वाले सभी बुद्धिजीवी अपने प्रस्तावों में उन्हें ढेर सारी छूटें देने की अनुशंषा करते है, जिससे धनिक अपनी आय पर भारी छूट पाने में सफल हो जाते है और गरीबो पर टैक्स की ज्यादा मार पड़ती है।
.
वैसे करो को लेकर हमारा मुख्य प्रस्ताव वेल्थ टैक्स है, जिसका ड्राफ्ट आप राईट टू रिकॉल समुदाय पर देख सकते है।


Top
 Profile  
 
Display posts from previous:  Sort by  
Post new topic Reply to topic  [ 2 posts ] 

All times are UTC + 5:30 hours


Who is online

Users browsing this forum: No registered users and 1 guest


You cannot post new topics in this forum
You cannot reply to topics in this forum
You cannot edit your posts in this forum
You cannot delete your posts in this forum
You cannot post attachments in this forum

Search for:
Jump to:  
cron
Powered by phpBB® Forum Software © phpBB Group