प्रजातंत्र हत्या क्रांति

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Aryaveer
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Joined: Sat Jul 30, 2011 12:12 am

प्रजातंत्र हत्या क्रांति

Post by Aryaveer » Sat Jul 30, 2011 12:43 am

वर्तमान शासन प्रणाली का आधार प्रजातन्त्र है। जिसकी प्रचलित परिभाषा है- प्रजा का प्रजा के लिए प्रजा के द्वारा किया गया शासन। आजादी के बाद के आज तक के लम्बे इतिहास ने इस तथ्य को झुठला दिया है। 66 प्रतिशत भूखे, 60 प्रतिशत अशिक्षित तथा करीब 52 प्रतिशत बेघर लोगों का यह देश प्रजातन्त्र को प्रज-तन्त्र से विस्थापित करने की मांग करता है। प्रजातन्त्र के सारे मुख्य संस्थापक चिन्तक घटिया जीवन जीने वाले थे। रूसो, मैकियाविली, हाब्स आदि सब कुंठित मस्तिष्क थे। प्रजातन्त्री शासन प्रणाली को महात्मा गांधी ने बांझ वेश्या एवं कुतिया कहा था। मानव समाज के 6 दुर्गुण जिन्हें त्यागने का वर्णन ऋग्वेद- 7/104/22 में आया है ने वर्तमान प्रजातन्त्र शासन प्रणाली को पूर्ण रूप से विकृत कर दिया है। 1. उलूक - बड़ा समुदाय बनाकर। 2. छोटे समुदाय बनाकर शुशुलूक। 3. श्व - स्थिति परिवर्तन द्वारा। 4. कोक - विभक्त होकर। 5. शासनेच्छा सुपर्ण से प्रेरित होकर। 6. आदमी को सताने की इच्छा से गृध्र इन छः से, या किसी एक से या कुछ से न्याय पर अभिघात करना। हाय रे प्रजातन्त्र! तेरा आधार ही ये छः दुर्गुण हैं। (1) राजनीतिक दल बड़ा समुदाय बनाकर, (2) दबाव समूह छोटे दल बनाकर, (2) पदाधिकारी स्थिति परिवर्तन द्वारा-मन्त्री परिवर्तन द्वारा, (4) दल बदल कर, (5) कुर्सियों हेतु, (6) आम आदमी का ध्यान छोड़कर, इसमें न्याय का अभिघात होता है अतः प्रजातन्त्र के औचित्य पर ही प्रश्नचिह्न लग जाना स्वाभाविक है।

kmoksha
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Joined: Sun Sep 12, 2010 2:49 pm

Re: प्रजातंत्र हत्या क्रांति

Post by kmoksha » Sat Jul 30, 2011 8:37 am

आर्यवीर,
आज कोई भी प्रजातान्त्रिक प्रक्रिया/तरीका हमारे देश में नहीं है |
आप क्या क़ानून-ड्राफ्ट का सुझाव करते हैं इस समस्या के लिए |

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